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मुख्यमंत्री डॉ  यशवंत सिंह  परमार के बाद ठाकुर सुखविंदर सिंह होंगे स्थापित ..

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शिमला (विमल शर्मा) : मुख्यमंत्री डॉ  यशवंत सिंह  परमार के बाद ठाकुर सुखविंदर सिंह होंगे स्थापित .
जिला हमीरपुर और कांगड़ा की जनता अपना अस्तित्व कायम रख पाएगी या फिर विकास में पीछे जाएगी ……………

हिमाचल प्रदेश की राजनीति के इतिहास में पहला मौका है जब जिला कांगड़ा और हमीरपुर की जनता अपने किले को बचा पाएगी या फिर राजनीतिक सत्ता के गलियारों में भूलकर अपने नेताओं को को खो देगी जैसा कि पहले भी हुआ जब हमीरपुर की जनता ने एक स्थापित नेता को खो दिया और अपने विकास की रेखा को ही मिटा डाला क्या जिला हमीरपुर और कांगड़ा की जनता द्वारा इस गलती को दोहराएगी यह अपने आप में सवाल पैदा हो गया है भले ही मुख्यमंत्री कोई भी हो क्या आप अपने परिवार में उसे स्थापित नेता को बाहर का रास्ता दिखाओगे या फिर प्रदेश के साथ जोड़ोगे अगर परिवार आपके साथ नहीं तो प्रदेश कैसे आपके साथ होगा यही सवाल आज जिला कांगड़ा और हमीरपुर की जनता के सामने है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ऐसे नेता के तौर पर स्थापित हुए हैं जो इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं क्या जनता उन्हें इस तरह के नेता को मौका नहीं देना चाहेगी राजनीतिक परिस्थितियों जैसी भी रही हो यह तो तय है कि आने वाले समय में बागडोर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह के पास ही रहेगी और वह भी चाहते हैं कि इस क्षेत्र की जनता के लिए नई योजना लाया जाए और उसके साथ-साथ प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए विकास के लिए नया आयाम स्थापित किए जाएं सवाल यह खड़ा हो गया है विपक्ष यानी कि भाजपा यह कह रही है कि ठाकुर सुखविंदर सिंह परिवार की राजनीति कर रहे हैं लेकिन सवाल यह है ठाकुर सुखविंदर सिंह नहीं चाहते थे कि उनके परिवार से कोई राजनीतिक परिवेश में प्रवेश करें लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी हाई कमान ने उन्हें यह आदेश दिया कि प्रदेश के विकास के लिए आपको अपने परिवार से कोई आगे लाना पड़ेगा हिमाचल प्रदेश में भाजपा पूरी तरह से बिखर गई है फिर भी बीजेपी हार मानने को तैयार नहीं लग रही जब लोकतंत्र में किसी पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़े तो उन्हें लोकतंत्र का सम्मान करना चाहिए लेकिन हिमाचल में नेताओं की महत्वाकांक्षा और केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए लोकतंत्र का गला घोट जा रहा है जो की सही नहीं है हैरानी तो इस बात की है कि आज भी चाहे वह प्रतिपक्ष के नेता हूं या फिर अन्य पार्टी अध्यक्ष बार-बार यही दोहरा रहे हैं की हिमाचल में कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं रहेगी और सरकार गिर जाएगी इस तरह का भ्रम फैला कर प्रदेश के विकास कार्यों को प्रभावित किया जा रहा है और लोगों को गुमराह करने के लिए राजनीतिक स्थिरता पैदा की जा रही है बैरल जो भी है यह राजनीतिक परिदृश्य है सवाल यह है कि हमीरपुर और कांगड़ा की जनता अपने नेता के अस्तित्व को को देगी या फिर अपने अस्तित्व को बचाएगी यह सवाल जिला हमीरपुर और कांगड़ा का नहीं पूरे प्रदेश का है अगर आपका नेता स्थापित होगा तभी हिमाचल का विकास हो पाएगा बहरहाल जो भी है हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह को मौका मिलना चाहिए और पूरे प्रदेश में उनके समर्थन में लोगों को आगे आना चाहिए लोकतंत्र यही कहता है की मौका मिलना चाहिए ताकि सबके विकास संभव हो पाए

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