हिमाचल में स्वास्थ्य शिक्षा को बड़ा विस्तार: आईजीएमसी शिमला और टांडा में शुरू होगा रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी कोर्स
शिमला,
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।
दोनों संस्थानों में इस पाठ्यक्रम की 30-30 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता होगी और इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किया जाएगा।
हमीरपुर में बनेगा एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय
प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित एलाइड एवं हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
इस कॉलेज में कुल 330 सीटें होंगी। इनमें—
- बी.एससी. लेबोरेटरी साइंसेज – 60 सीटें
- बी.एससी. रेडियोलॉजी – 60 सीटें
- बी.एससी. एनेस्थीसिया – 60 सीटें
- बी.एससी. ऑप्टोमेट्री – 60 सीटें
- बी.एससी. फिजियोथेरेपी – 60 सीटें
- डायलिसिस टेक्नीशियन – 30 सीटें
राज्य सरकार ने संस्थान के संचालन के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की खरीद हेतु 6.87 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय भी लिया है।
युवाओं को मिलेंगे नए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर
आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को विशेष चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रशिक्षित तकनीकी कार्यबल तैयार होने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य यह भी है कि विद्यार्थियों को एलाइड हेल्थकेयर और विशेष चिकित्सा प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
वर्ष 2025 में बढ़ाई गई थीं कई पाठ्यक्रमों की सीटें
राज्य सरकार ने वर्ष 2025 में आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में विभिन्न एलाइड हेल्थकेयर पाठ्यक्रमों की सीटों में भी वृद्धि की थी।
आईजीएमसी में बी.एससी. मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक, बी.एससी. रेडियो एंड इमेजिंग तथा बी.एससी. एनेस्थीसिया एंड ओटी तकनीक की सीटें 10 से बढ़ाकर 50-50 की गईं।
वहीं, टांडा मेडिकल कॉलेज में बी.एससी. मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक, बी.एससी. रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग तथा बी.एससी. एनेस्थीसिया और ओटी तकनीक की सीटें 18 से बढ़ाकर 50-50 कर दी गईं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ युवाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय तथा आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में नए पाठ्यक्रम शुरू होने से हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण के अवसरों में उल्लेखनीय विस्तार होगा।
