30 दिनों में 8,000 मीटर से ऊंची पांच चोटियों पर चढ़ाई करने वाली पहली भारतीय बलजीत कौर को मिलेगा तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर अवार्ड-2024

Spread the love
Read Time:3 Minute, 57 Second

हिमाचल की बेटी और भारतीय प्रोफेशनल एक्सट्रीम एथलीट बलजीत कौर एक बार फिर देश का नाम रोशन करने जा रही हैं। दुनिया की सबसे ऊंची और चुनौतीपूर्ण पर्वत चोटियों पर अपनी असाधारण उपलब्धियों से पहचान बनाने वाली बलजीत कौर को प्रतिष्ठित तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर अवार्ड-2024 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के क्षेत्र में भारत के सर्वोच्च सम्मानों में शामिल है।

बलजीत कौर ने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के सहयोग और विश्वास का परिणाम है, जिन्होंने उनकी पर्वतारोहण यात्रा में उनका साथ दिया और हर चुनौती के दौरान उनका हौसला बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि भारत की माननीय राष्ट्रपति से यह सम्मान प्राप्त करना उनके जीवन के सबसे गर्वपूर्ण और विनम्र क्षणों में से एक है।

30 दिनों में पांच 8,000 मीटर से ऊंची चोटियों पर रचा इतिहास

बलजीत कौर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में वर्ष 2022 का वह ऐतिहासिक पर्वतारोहण अभियान शामिल है, जब उन्होंने मात्र 30 दिनों में 8,000 मीटर से अधिक ऊंची पांच चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।

उन्होंने 28 अप्रैल से 28 मई 2022 के बीच इन चोटियों को फतह किया—

  • माउंट अन्नपूर्णा-I – 28 अप्रैल 2022
  • माउंट कंचनजंगा – 12 मई 2022
  • माउंट एवरेस्ट – 21 मई 2022
  • माउंट ल्होत्से – 22 मई 2022
  • माउंट मकालू – 28 मई 2022

यह उपलब्धि उनकी असाधारण शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, कठिन प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प का प्रमाण बनी।

7 दिन में एवरेस्ट, ल्होत्से और मकालू पर चढ़ाई

बलजीत कौर ने 7 दिन, 2 घंटे और 8 मिनट के भीतर माउंट एवरेस्ट, माउंट ल्होत्से और माउंट मकालू की चोटियों को फतह कर एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

इसके अलावा, वह 25 घंटे और 20 मिनट में माउंट एवरेस्ट और माउंट ल्होत्से पर चढ़ाई करने वाली पहली भारतीय महिला भी बनीं।

बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के भी हासिल की बड़ी उपलब्धियां

बलजीत कौर ने वर्ष 2022 में बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के माउंट मनास्लु पर सफल चढ़ाई की। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्होंने बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के अन्नपूर्णा-I पर भी चढ़ाई कर अपनी पर्वतारोहण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी।

वह माउंट पुमोरी पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला और माउंट धौलागिरी पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला भी रही हैं।

हिमालय की चोटियों से लेकर दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वतों तक बलजीत कौर का सफर नई पीढ़ी के पर्वतारोहियों और एडवेंचर खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रहा है। उनका संदेश है कि अनुशासन, साहस, मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ असंभव दिखाई देने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Previous post मुख्यमंत्री ने जापान शैक्षणिक भ्रमण पर गए 44 इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं, मेडिकल छात्रों को भी विदेश भेजने की तैयारी
Next post हिमाचल में स्वास्थ्य शिक्षा को बड़ा विस्तार: आईजीएमसी शिमला और टांडा में शुरू होगा रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी कोर्स
Close